फार्मर रजिस्ट्री कार्ड (एफआरसी)
फार्मर रजिस्ट्री कार्ड क्या है?
यह एक तरह से आधार को जमाबंदी से लिंक करने की स्कीम है। इसमें प्रत्येक किसान को, जिसका जमाबंदी में नाम है, एक यूनीक फार्मर आईडी नंबर मिलेंगे।
क्या फार्मर आईडी बनवाना जरूरी है?
इसे ऐसे समझ लो कि जैसे व्यापारी आदमी के लिए पैन कार्ड बनवाना जरूरी है, वैसे ही किसान के लिए फार्मर आईडी बनवाना जरूरी है। क्योंकि जैसे हर बड़े लेन-देन में पैन कार्ड चाहिए, वैसे ही किसानों से रिलेटेड हर स्कीम के लिए अब फार्मर आईडी जरूरी है। चाहे रजिस्ट्री करवाना हो, खाद बीज लेने हो, तारबंदी-डिग्गी की सब्सिडी हो, फसल तुलाई और फसल बीमा हो या और कोई योजना।
फार्मर आईडी कैसे बनानी है?
इसके लिए आप ई-मित्र से भी बनवा सकते और जहां जमीन है, उस हल्के के पटवारी से भी। ई-मित्र वाला पूरे राजस्थान में कहीं भी जमीन हो, बना देगा। पटवारी अपने हल्के में जमीन हो, उसी की बना सकता है।
फार्मर आईडी के लिए कितने ओटीपी चाहिए?
एक फार्मर आईडी के लिए, अगर ओटीपी सही से लेता रहे, टाइम आउट ना हो या बाहर ना फेंके तो तीन ओटीपी चाहिए होते हैं। पहला आधार डेटा फेच करने (आधार से नाम-पता उठाने) के लिए, दूसरा फार्मर आईडी में मोबाईल नंबर जोड़ने के लिए, और तीसरा फार्मर आईडी बनाने के लिए किसान की सहमति के लिए ई-साइन।
क्या फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की जमीन छिन जाएगी?
ऐसा कुछ नहीं है। ये योजना बनाने वाले किसी बेवकूफ ने इसमें रजिस्ट्री शब्द घुसेड़ कर बेवजह का कन्फ्यूजन पैदा कर दिया। इसमें आप केवल अपनी जमीन से रिलेटेड किसी काम के लिए अपनी पहचान वेरीफाई करने के लिए आधार डेटा यूज करने की सहमति देते हैं। सहमति की डिटेल्स आपके फार्मर आईडी की स्लिप में लिखी हुई है।
क्या दो पटवार मंडल में जमीन है तो दोनों जुड़वानी है?
राजस्थान में आपकी कहीं भी जमीन हो जुड़वानी है। ई मित्र से बनवाओ तो शुरू में ही सारी जोड़ देगा। अगर रह गई फिर भी तो सम्बन्धित पटवारी से संपर्क करो वो एड (अपडेट) कर देगा। अपडेट एक ओटीपी से ही हो जाएगा।
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